१. क़ुरबानी के कोन कोन से दिन हैं ?

२. अगर ईद की नमाज़ के बाद ख़ुत्बे से पहले क़ुरबानी करे तो होगी या नहीं ?

३. क़ुरबानी का वक़्त कब से शुरू होता है ?

४. शहर में एक जगह ईद की नमाज़ होने से दूसरी जगह वालो को क़ुरबानी सहीह है??

जवाब: 

१. क़ुरबानी के ३ दिन १० /११/१२ ज़िल्हज्ज (१२ की शाम तक) इस से पहले या बाद में क़ुरबानी मोअतबर नहीं है..
[किताबुल मसाइल २/२१४ बहवला हिंदियया वगेर]

२. ईद की नमाज़ के बाद ख़ुत्बे से पहले क़ुरबानी की तो सहीह हो जाएगी, ऐसा करना अच्छा नहीं है, यह है के ख़ुत्बे के बाद ही क़ुरबानी की जाये..
[किताबुल मसाइल बिफैकिन यासिर २/२१५]

३. क़ुरबानी का असल वक़्त १० ज़िल्हाज की सुबह सादिक़ से शुरू हो कर १२ ज़िल्हाज के सूरज के गुरुब होने तक रहता हे, जहां ईद की नमाज़ होती है (जैसे शहर बड़ा गाँव)  वहाँ ईद की नमाज़ के बाद क़ुरबानी सहीह होगी (उस से पहले नहीं)और जहां ईद की नमाज़ न होती हो जैसे दिहात छोटा गाँव वहाँ सुबह सादिक़ के बाद क़ुरबानी सहीह है.

४. अगर शहर में किसी भी जगह ईद की नमाज़ हो गयी तो पुरे शहर वालो के लिए क़ुरबानी करना दुरुस्त है…
[मुस्तफ़द किताबुल मसाइल २/२१६म.]

मौलाना इब्राहिम अल्यानी साहब

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here