निकाह की मजलिस में २ गवाह का हाजिर होना ओर उनका इजाब व कबूल (दोनो तरफ से इकरार) सुन्ना जरूरी है, लिहाजा टेलीफोन पर निकाह दुरुस्त नही होता, अगर दूसरे शहर और दूसरे मुल्क में निकाह करना हो तो इसका सही तरीका ये है उस शहर या मुल्क में किसी सख्श कोअपने निकाह का वकील बना दे, निकाह की मजलिस में आकर वकील उसकी तरफ से सामने वाली पार्टी के साथ २ गवाहों की मौजूदगी में इक़रार व क़बूल करे, इस तरह निकाह शहीह हो जाएगा, मतलब ये के लड़का ओर लड़की दोनों की तरफ से वकील बना कर निकाह किया जायेगा.
 (मुफ़्ती) बंदे इलाही कुरैशी गणदेवी.
लेखक: मव.मकबूल मव.अय्यूब जोगियात (खरोड)

 

و فى الدر المختار، کتاب النکاح  جلد: ٣  ص:٩ و ينعقد بایجاب من أحدھما و قبول من الآخر،
وفيه أیضاً ج: ۳  ص: ۲۱  وشرط حضور شاھدین حرّین أو حرّ و حرّتین مکلفین سامعین قولھما معاً۔
و فی الھدایة ج: ٢ ص: ٣٠٦ « طبع شرکت علميه » ولا ینعقد نکاح المسلمین الا بحضور شاھدین حرّین عاقلین بالغین مسلمین۔
و فی الھندیة کتاب النکاح، الفصل الأول ج:
۱  ص:۲٦٨  ومنھا سماع الشاھدین کلامھما معاً۔
ھکذا فی فتح القدیر۔

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here